What is Cryptocurrency | Best bitcoin Cryptocurrency in Hindi

What is Cryptocurrency
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What is Cryptocurrency: इसे पहले हमने मानव इतिहास में पाषण, आयरन, तांबा तथा स्वर्ण युग देखें हैं लेकिन आज का युग इंटरनेट का युग है इसमें हम घर बैठे कहीं भी किसी से भी बात कर सकते हैं विडिओ कॉल कर सकते हैं तथा किसी को भी पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।

लेकिन इसके लिए हमें तीसरी पार्टी जैसे बैंक, क्रेडिट कार्ड कंपनी आदि पर निर्भर रहना पड़ता है क्या हो अगर ऐसी तकनीक हो जिससे हम किसी को भी पैसा भेजें और न तो कोई थर्ड पार्टी का हस्तक्षेप हो और न ही किस तीसरे व्यक्ति को पाता चले तो आज हमें ऐसी ही एक तकनीक के बारे में विस्तार से बात करने वाले हैं।

जिसका नाम क्रिप्टोकरेंसी है। इस लेख में हमें जानेंगे कि What is cryptocurrency? What is bitcoin Cryptocurrency?, top cryptocurrency, Best Cryptocurrency Market and cryptocurrency mining.

Contents

What is cryptocurrency (क्रिप्टोक्यूरेंसी क्या है)?

क्रिप्टोक्यूरेंसी एक डिजिटल मुद्रा है जिसे आप छू नहीं सकते, केवल आप को आपके खाते में ही दिखती है इसी लिए इसे आभासी मुद्रा भी कहते हैं। जिसे क्रिप्टोग्राफी तकनीक द्वारा सुरक्षित किया जाता है, जिससे कोई भी इस मुद्रा का नकली या दोहरा ख़र्च नहीं कर सकता और कोई भी इसके खातों के साथ आसानी से छेड़छाड़ नहीं कर सकता है क्योंकि यह ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित एक विकेन्द्रीकृत नेटवर्क है।

क्रिप्टोकरेंसी की एक परिभाषित विशेषता यह है कि वे आम तौर पर किसी भी केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा जारी नहीं की जाती हैं, जो उन्हें सरकारी हस्तक्षेप या हेरफेर से प्रतिरक्षा प्रदान करती हैं।

क्रिप्टोक्यूरेंसी एक डिजिटल पैसों का एक रूप है जिसे नेटवर्क पर आधारित अनेक कंप्यूटरों में वितरित किया जाता है। इस विकेंद्रीकृत संरचना के कारण क्रिप्टोक्यूरेंसी सरकारों और केंद्रीय अधिकारियों के नियंत्रण से बाहर रहती है।

ब्लॉकचेन, इस तकनीक के माध्यम से लेन-देन सम्बंधी डेटा की अखंडता व गोपनीयता को सुनिश्चित किया जाता है इस तकनीक में बहुत सारे कंप्यूटर संगठनात्मक तरीके से काम करते हैं, यह क्रिप्टोकरेंसी का एक घटक है।

“क्रिप्टोकरेंसी” शब्द एन्क्रिप्शन नामक तकनीकों से लिया गया है जिसका उपयोग नेटवर्क में किसी भी प्रकार के डेटा सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।

कई विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह तकनीक वित्तय और कानूनी मामलों सहित कई उद्योगों को भी बाधित करेगी।

क्रिप्टोकरेंसी की कई कारणों से आलोचना भी की जाती है, जैसे अवैध कार्यों के लिए उपयोग, विनिमय दर में अस्थिरता लाना और क्रिप्टोकरेंसी के बुनियादी ढांचे की कमजोरियाँ आदि। लेकिन पोर्टेबिलिटी, विभाज्यता, मुद्रास्फीति प्रतिरोध और पारदर्शिता के लिए प्रशंसा भी की जाती है।

ऐसी प्रणालियाँ ऑनलाइन सुरक्षित भुगतान करने में सहायता कराती हैं, इन्हे वर्चुअल “टोकन” के रूप में समझा जा सकता है, जो सिस्टम में अनेक खता बही प्रविष्टियों द्वारा दर्शाए जाते हैं।

ये प्रविष्टियाँ इंटरनेट से जुड़े विभिन्न कम्प्यूटरों में होती-होती हैं जिस कारण इनकी ट्रांसक्शन्स को मैनुपुलेट नहीं किया जा सकता जैसे अगर आप एक सिस्टम की खता बही में कोई भी चेंज करते हो तो वह लेजर दूसरे सिस्टरम से मेल नहीं खाएगा जिस कारण फ्रॉड का पता चल जाएगा।

क्रिप्टोग्राफी क्या है?

क्रिप्टोग्राफी कंप्यूटर कोड का उपयोग करके सूचना और संचार की रक्षा करने की एक विधि है ताकि केवल वे लोग जिन्हें इस जानकारी की आवश्यकता है वे इसे पढ़ और संसाधित कर सकें। “क्रिप्टो” का अर्थ है “छिपा हुआ” और “ग्राफी” का अर्थ है “लेखन” ।

कंप्यूटर विज्ञान में, क्रिप्टोग्राफी एक गणितीय अवधारणा है जो सुरक्षित सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों और एल्गोरिदम के आधार पर गणनाओं के एक सेट को संदर्भित करती है। इसमें संदेशों को ऐसे तरीके से बदलने की प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है जिसे समझना मुश्किल है।

इन सभी एल्गोरिदम का उपयोग क्रिप्टोग्राफिक कुंजी, डिजिटल हस्ताक्षर, डेटा गोपनीयता की रक्षा के लिए सत्यापन और वेब ब्राउज़िंग और क्रेडिट कार्ड और ईमेल के ऑनलाइन लेनदेन जैसे गोपनीय संचार के लिए किया जाता है।

क्रिप्टोग्राफी तकनीक

यह तकनीक माइक्रोडॉट्स, छवियों के साथ शब्दों को मिलाने और भंडारण या पारगमन में जानकारी छिपाने जैसी विधियों का उपयोग करती है।

क्रिप्टोग्राफी के निम्नलिखित चार उद्देश्य हैं:

गोपनीयता: जानकारी को गोपनीय रखना इनका पहला कार्य होता है।

सत्यनिष्ठा: जानकारी में कोई भी परिवर्तन प्रेषक और रिसीवर की मर्जी के बिना या उनकी जानकारी के बिना नहीं किया जा सकता है।

गैर-अस्वीकृति: सूचना के निर्माता जैसे प्रेषक और रिसीवर बाद में सूचना के निर्माण या प्रसारण से इनकार नहीं कर सकते।

प्रमाणीकरण: इसमें प्रत्येक सुचना का प्रमाणीकरण किया जाता है जैसे प्रेषक और रिसीवर यदि ज़रूरत पड़े तो एक दूसरे की पहचान और सूचना के मूल गंतव्य की पुष्टि कर सकते हैं।

What is Cryptocurrency System

वे सभी प्रक्रियाएँ और प्रोटोकॉल जो क्रिप्टोकरेन्सी के लिए ज़रूरी मापदंडो को पूरा कराती हैं, जिस सिस्टम द्वारा सम्पन्न की जाती हैं उसे क्रिप्टोसिस्टम कहते हैं। क्रिप्टोसिस्टम्स गणितीय प्रक्रियाओं और कंप्यूटर प्रोग्रामों के साथ-साथ मानवीय व्यवहार का नियमन भी करता है, जैसे पासवर्ड चुनना, सिस्टम को लॉग ऑफ करना और संवेदनशील प्रक्रियाओं प्राइवेट बनाना आदि।

Cryptographic algorithms

क्रिप्टोकरेंसी एल्गोरिदम विभिन्न एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम और क्रिप्टोग्राफ़िक तकनीकों की मदद से प्रविष्टियों की सुरक्षा करता है, जैसे अण्डाकार वक्र एन्क्रिप्शन, सार्वजनिक-निजी कुंजी जोड़े और हैशिंग फ़ंक्शन।

इसमें संदेशों को ऐसे तरीके से बदलने की प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है जिसे समझना मुश्किल है। इन सभी एल्गोरिदम का उपयोग क्रिप्टोग्राफिक कुंजी, डिजिटल हस्ताक्षर, डेटा गोपनीयता की रक्षा के लिए सत्यापन और वेब ब्राउज़िंग और क्रेडिट कार्ड और ईमेल के ऑनलाइन लेनदेन जैसे गोपनीय संचार के लिए किया जाता है।

What is blockchain?

यह एक सिस्टम प्रणाली है जो सिस्टम को बदलना, हैक करना या धोखा देना मुश्किल या असंभव बना देता है क्योंकि यहाँ पूरे सिस्टम की जाकारी उपलब्ध होती है और नई जानकारी रिकॉर्ड की जाती है। 

यह क्रिप्टोकरेन्सी के लेनदेन के लिए अनिवार्य रूप से एक डिजिटल बही खाता बनाया गया है जिसे एक चेन के रूप में कंप्यूटर सिस्टम के नेटवर्क में डुप्लिकेट करके वितरित किया जाता है। इस शृंखला के प्रत्येक ब्लॉक में कई लेन-देन होते हैं तथा इस चेन के प्रत्येक नए ब्लॉक पर एक नया लेन-देन होता है।

इस प्रक्रिया में उस लेन-देन का एक रिकॉर्ड कंप्यूटर सिस्टम नेटवर्क के प्रत्येक खाता बही में जोड़ दिया जाता है। इसमें प्रत्येक लेनदेन को एक अपरिवर्तनीय क्रिप्टोग्राफिक हस्ताक्षर से दर्ज किया जाता है जिसे हैश कहा जाता है।

ब्लॉकचेन तकनीक व Cryptocurrency market के बारे में इतना प्रचार क्यों है?

डिजिटल मनी बनाने के लिए पहले भी कई विफल प्रयास किए गए।

किसी भी डिजिटल करंसी को बनाने में सबसे पहला मुद्दा विश्वास है जैसे कोई एक्स बिट्स नामक एक मुद्रा बनाता है, तो उस पर हम कैसे भरोसा कर सकते हैं कि एक्स बिट्स को कोई अपने लिए नहीं चुराएगा? साथ चोरी को कैसे रोका जाएगा आदि।

इस समस्या का हल निकलने के लिए बिटकॉइन को एक अलग प्रकार के डेटाबेस पर डिज़ाइन किया गया जिसका नाम ब्लॉकचेन रखा गया है।

किसी भी सामान्य डेटाबेस, जैसे SQL डेटाबेस में कोई न कोई इसका प्रभारी होता है जिसके पास सारा कंट्रोल होता है जो प्रविष्टियों में बदलाव कर सकता है (उदाहरण के लिए वह ख़ुद को एक मिलियन बिटकॉइन दे सकता है) लेकिन ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में कोई भी प्रभारी नहीं होता यह उन लोगों द्वारा ही चलता है जो इसका उपयोग करते हैं।

क्या मृत्यु के बाद भी बाल और नाखून विकसित होते हैं?

क्योकि सभी ट्रांसक्शन्स के खाता बही उपयोगकर्ताओं के सिस्टम में स्टोर होते हैं इसलिए बिटकॉइन की नक़ल बनाना, हैक या डबल ख़र्च नहीं कर सकते है इसी कारण जो लोग बिटकॉइन के मालिक हैं, वे भरोसा कर सकते हैं कि इसका कुछ मूल्य है।

ब्लॉकचेन खनन प्रक्रिया या Cryptocurrency mining

ब्लॉकचेन माइनिंग या cryptocurrency mining क्रिप्टोक्यूरेंसी के संचालन के दौरान प्रत्येक लेनदेन को मान्य करने की एक जटिल प्रक्रिया है। जो लोग इस प्रक्रिया को पूरा करने में सहायता करते हैं उन्हें ब्लॉकचेन माइनर कहा जाता है। वे कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की पहेली को सुलझाने के लिए काम करते हैं और वे पूरे नेटवर्क में मुद्रा के हस्तांतरण को प्रमाणित करने के उद्देश्य से काम करते हैं।

एक एकल उपयोगकर्ता cryptocurrency mining प्रक्रिया को नहीं संभालता है, इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले किसी भी खनिक को इनाम के रूप में कुछ बिटकॉइन दिए जाते हैं और खनिक इस इनाम को पाने के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं। प्रत्येक खनन सफलता पर, खनिक को बोनस के रूप में कई बिटकॉइन प्राप्त होते हैं।

इस तकनीक को ‘ब्लॉक’ और ‘चेन’ संरचना के कारण तथाकथित ब्लॉकचैन कहा जाता है। प्रत्येक ब्लॉक में एक या अधिक मुद्रा के लेनदेन के बारे में जानकारी होती है। ये ब्लॉक सिस्टम को पूरा करने के लिए एक शृंखला बनाने के लिए एक साथ जुड़े हुए हैं। ये डेटा कोड अलग से संग्रहीत किए जाते हैं।

चेन एक पड़ोस ब्लॉक से दूसरे तक की कड़ी को संदर्भित करता है। प्रत्येक ब्लॉकचेन में प्रमाणीकरण का एक अनूठा कोड होता है जो नेटवर्क सॉफ़्टवेयर पर एन्क्रिप्ट किया जाता है।

खनन प्रक्रिया 

एन्क्रिप्टेड डेटा की वैधता को साबित करने के लिए डिक्रिप्शन की आवश्यकता होती है लेकिन ब्लॉकचेन में एन्कोडेड डेटा को डिक्रिप्ट करना एक बहुत ही मुश्किल काम है, इसलिए इसके लिए मानवीय प्रयासों के साथ-साथ कम्प्यूटेशनल हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की भी आवश्यकता होती है। इसमें कंप्यूटर और मानव दोनों की बहुत समय और ऊर्जा लगेगी

कम्प्यूटेशनल गति और मानव बुद्धि के संयोजन के परिणामस्वरूप डेटा डिक्रिप्ट हो जाएगा, जो आसन्न ब्लॉक से जुड़े होने पर लेनदेन की पुष्टि करेगा। बिटकॉइन में हैश-कोड नामक कोड एन्क्रिप्टेड डेटा को हल करने में विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

Types of Cryptocurrency

आज के समय में लगभग 5000 Cryptocurrency Market में उपलब्ध हैं लेकिन सबसे पहली, लोकप्रिय और सबसे मूल्यवान क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन है। जयादातर क्रिप्टोकरेंसी का बेस बिटकॉइन ही है। आज, विभिन्न कार्यों के लिए और विशिष्टताओं के साथ हजारों क्रिप्टोकरेंसी मार्किट में हैं। इनमें से कुछ नई मुद्राएँ हैं जिन्हें खरोंच से बनाया गया है।

What is bitcoin?

बिटकॉइन को 2009 में लॉन्च किया गया था, जिसे छद्म नाम “सातोशी नाकामोटो” के नाम से जाना जाने वाले ग्रुप या व्यक्ति ने लांच किया था। बिटकॉइन संख्या में 21 मिलियन हैं। लेकिन 1 मार्च 2021 तक, लगभग 927 बिलियन डॉलर के कुल वैल्यू के साथ 18.6 मिलियन से अधिक बिटकॉइन प्रचलन में हैं। यह top cryptocurrency है। 

बिटकॉइन की सफलता को देखते हुए कुछ प्रतिस्पर्धी क्रिप्टोकरेंसी उत्पन्न हुई, जिन्हें “Altcoin” के कहा जाता है, इनमे जैसे litcoin, पीरकोइन, नेमकोइन, एथेरियम, कार्डानो और ईओएस शामिल हैं। आज, यदि सभी मौजूद क्रिप्टोकरेंसी का कुल मूल्य आँका जाए तो वह लगभग $1.5 ट्रिलियन के बराबर होगा है लेकिन इसमें बिटकॉइन का 60% से अधिक का हिस्सा होगा।

Advantages and Disadvantages of Best Cryptocurrency

आज क्रिप्टोक्यूरेंसी में उपयोग जो क्रिप्टोग्राफी तकनीक उपयोग की जाती हैं उनमे से कुछ मूल रूप से सैन्य अनुप्रयोगों के लिए विकसित की गई थी।

विभिन्न देशों की सरकारें चाहती हैं कि हथियारों पर कानूनी प्रतिबंधों के समान क्रिप्टोग्राफी तकनीक तथा क्रिप्टोकॉरेन्सी पर नियंत्रण रखा जाए ताकि ब्लैक मनी की समस्य को और बढ़ने से रोका जा सके, लेकिन नागरिकों के लिए क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करने का अधिकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आधार पर सुरक्षित है।

Advantages

किसी भी देश की करेंसी के लेनदेन के लिए बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी जैसे किसी विश्वसनीय तृतीय पक्ष की आवश्यकता होती है लेकिन क्रिप्टोकरेंसी में दो पक्षों के बीच सीधे फंड ट्रांसफर होता जो इसे आसान बनता है।

इसके बजाय ये अधिक सिक्योर हैं।   क्योकि इनमे क्रिप्टोग्राफी तथा ब्लॉकचैन जैसी तकनीक का उपयोग किया जाता है। इस अधुनिक सिस्टम में, उपयोगकर्ता “वॉलेट” या खाते नमक एप्लीकेशन्स का उपयोग करते हैं जिसमे एक सार्वजनिक कुंजी तथा निजी कुंजी होती है,

जबकि निजी कुंजी केवल स्वामी के लिए ही होती है और उसके आलावा किसी को पता नहीं होती और लेनदेन पर हस्ताक्षर करने के लिए उपयोगकर्ता इसी निजी कुंजी का उपयोग करता है।   फंड ट्रांसफर में न्यूनतम प्रोसेसिंग फीस “वॉलेट” या खाते द्वारा कटाने के साथ किया जाता है, जिससे उपयोगकर्ता बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा लगाए जाने वाले भारी शुल्क से बच सकते हैं।  

Disadvantages

क्रिप्टोक्यूरेंसी लेनदेन की अर्ध-अनाम प्रकृति से कई अवैध गतिविधियाँ की जा सकती हैं, जैसे मनी लॉन्ड्रिंग, कर चोरी तथा ब्लैक मार्किट लेनदेन आदि क्योंकि इनकी ट्रांसक्शन्स पर किसी भी सरकार का कोई कण्ट्रोल नहीं होता।  

क्रिप्टोक्यूरेंसी अपनी गुमनामी को अत्यधिक महत्त्व देती हैं, गोपनीयता के कारण दमनकारी सरकारों के खिलाफ कार्यकर्ताओं को सुरक्षा मिलती है तथा इसका लाभ आतंकवादी भी उठा सकते और किसी भी देश की सुरक्षा की हानि पहुँचा सकते हैं। कुछ क्रिप्टोकरेंसी दूसरों की तुलना में अधिक गोपनीयता देती हैं

What is Cryptocurrency: इसे पहले हमने मानव इतिहास में पाषण, आयरन, तांबा तथा स्वर्ण युग देखें हैं लेकिन आज का युग इंटरनेट का युग है इसमें हम घर बैठे कहीं भी किसी से भी बात कर सकते हैं विडिओ कॉल कर सकते हैं तथा किसी को भी पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं।

लेकिन इसके लिए हमें तीसरी पार्टी जैसे बैंक, क्रेडिट कार्ड कंपनी आदि पर निर्भर रहना पड़ता है क्या हो अगर ऐसी तकनीक हो जिससे हम किसी को भी पैसा भेजें और न तो कोई थर्ड पार्टी का हस्तक्षेप हो और न ही किस तीसरे व्यक्ति को पाता चले तो आज हमें ऐसी ही एक तकनीक के बारे में विस्तार से बात करने वाले हैं।

जिसका नाम क्रिप्टोकरेंसी है। इस लेख में हमें जानेंगे कि What is cryptocurrency? What is Bitcoin

Cryptocurrency?, top cryptocurrency, Best Cryptocurrency Market,

and cryptocurrency mining.

What is cryptocurrency (क्रिप्टोक्यूरेंसी क्या है)?

क्रिप्टोक्यूरेंसी एक डिजिटल मुद्रा है जिसे आप छू नहीं सकते, केवल आप को आपके खाते में ही दिखती है इसी लिए इसे आभासी मुद्रा भी कहते हैं। जिसे क्रिप्टोग्राफी तकनीक द्वारा सुरक्षित किया जाता है, जिससे कोई भी इस मुद्रा का नकली या दोहरा ख़र्च नहीं कर सकता और कोई भी इसके खातों के साथ आसानी से छेड़छाड़ नहीं कर सकता है क्योंकि यह ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित एक विकेन्द्रीकृत नेटवर्क है।

क्रिप्टोकरेंसी की एक परिभाषित विशेषता यह है कि वे आम तौर पर किसी भी केंद्रीय प्राधिकरण द्वारा जारी नहीं की जाती हैं, जो उन्हें सरकारी हस्तक्षेप या हेरफेर से प्रतिरक्षा प्रदान करती हैं।

क्रिप्टोक्यूरेंसी एक डिजिटल पैसों का एक रूप है जिसे नेटवर्क पर आधारित अनेक कंप्यूटरों में वितरित किया जाता है। इस विकेंद्रीकृत संरचना के कारण क्रिप्टोक्यूरेंसी सरकारों और केंद्रीय अधिकारियों के नियंत्रण से बाहर रहती है।

ब्लॉकचेन, इस तकनीक के माध्यम से लेन-देन सम्बंधी डेटा की अखंडता व गोपनीयता को सुनिश्चित किया जाता है इस तकनीक में बहुत सारे कंप्यूटर संगठनात्मक तरीके से काम करते हैं, यह क्रिप्टोकरेंसी का एक घटक है।

“क्रिप्टोकरेंसी” शब्द एन्क्रिप्शन नामक तकनीकों से लिया गया है जिसका उपयोग नेटवर्क में किसी भी प्रकार के डेटा सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है।

कई विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह तकनीक वित्तय और कानूनी मामलों सहित कई उद्योगों को भी बाधित करेगी।

क्रिप्टोकरेंसी की कई कारणों से आलोचना भी की जाती है, जैसे अवैध कार्यों के लिए उपयोग, विनिमय दर में अस्थिरता लाना और क्रिप्टोकरेंसी के बुनियादी ढांचे की कमजोरियाँ आदि। लेकिन पोर्टेबिलिटी, विभाज्यता, मुद्रास्फीति प्रतिरोध और पारदर्शिता के लिए प्रशंसा भी की जाती है।

ऐसी प्रणालियाँ ऑनलाइन सुरक्षित भुगतान करने में सहायता कराती हैं, इन्हे वर्चुअल “टोकन” के रूप में समझा जा सकता है, जो सिस्टम में अनेक खता बही प्रविष्टियों द्वारा दर्शाए जाते हैं।

ये प्रविष्टियाँ इंटरनेट से जुड़े विभिन्न कम्प्यूटरों में होती-होती हैं जिस कारण इनकी ट्रांसक्शन्स को मैनुपुलेट नहीं किया जा सकता जैसे अगर आप एक सिस्टम की खता बही में कोई भी चेंज करते हो तो वह लेजर दूसरे सिस्टरम से मेल नहीं खाएगा जिस कारण फ्रॉड का पता चल जाएगा।

क्रिप्टोग्राफी क्या है?

क्रिप्टोग्राफी कंप्यूटर कोड का उपयोग करके सूचना और संचार की रक्षा करने की एक विधि है ताकि केवल वे लोग जिन्हें इस जानकारी की आवश्यकता है वे इसे पढ़ और संसाधित कर सकें। “क्रिप्टो” का अर्थ है “छिपा हुआ” और “ग्राफी” का अर्थ है “लेखन” ।

कंप्यूटर विज्ञान में, क्रिप्टोग्राफी एक गणितीय अवधारणा है जो सुरक्षित सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों और एल्गोरिदम के आधार पर गणनाओं के एक सेट को संदर्भित करती है। इसमें संदेशों को ऐसे तरीके से बदलने की प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है जिसे समझना मुश्किल है।

इन सभी एल्गोरिदम का उपयोग क्रिप्टोग्राफिक कुंजी, डिजिटल हस्ताक्षर, डेटा गोपनीयता की रक्षा के लिए सत्यापन और वेब ब्राउज़िंग और क्रेडिट कार्ड और ईमेल के ऑनलाइन लेनदेन जैसे गोपनीय संचार के लिए किया जाता है।

क्रिप्टोग्राफी तकनीक

यह तकनीक माइक्रोडॉट्स, छवियों के साथ शब्दों को मिलाने और भंडारण या पारगमन में जानकारी छिपाने जैसी विधियों का उपयोग करती है।

क्रिप्टोग्राफी के निम्नलिखित चार उद्देश्य हैं:

गोपनीयता: जानकारी को गोपनीय रखना इनका पहला कार्य होता है।

सत्यनिष्ठा: जानकारी में कोई भी परिवर्तन प्रेषक और रिसीवर की मर्जी के बिना या उनकी जानकारी के बिना नहीं किया जा सकता है।

गैर-अस्वीकृति: सूचना के निर्माता जैसे प्रेषक और रिसीवर बाद में सूचना के निर्माण या प्रसारण से इनकार नहीं कर सकते।

प्रमाणीकरण: इसमें प्रत्येक सुचना का प्रमाणीकरण किया जाता है जैसे प्रेषक और रिसीवर यदि ज़रूरत पड़े तो एक दूसरे की पहचान और सूचना के मूल गंतव्य की पुष्टि कर सकते हैं।

What is Cryptocurrency System

वे सभी प्रक्रियाएँ और प्रोटोकॉल जो क्रिप्टोकरेन्सी के लिए ज़रूरी मापदंडो को पूरा कराती हैं, जिस सिस्टम द्वारा सम्पन्न की जाती हैं उसे क्रिप्टोसिस्टम कहते हैं। क्रिप्टोसिस्टम्स गणितीय प्रक्रियाओं और कंप्यूटर प्रोग्रामों के साथ-साथ मानवीय व्यवहार का नियमन भी करता है, जैसे पासवर्ड चुनना, सिस्टम को लॉग ऑफ करना और संवेदनशील प्रक्रियाओं प्राइवेट बनाना आदि।

Cryptographic algorithms

क्रिप्टोकरेंसी एल्गोरिदम विभिन्न एन्क्रिप्शन एल्गोरिदम और क्रिप्टोग्राफ़िक तकनीकों की मदद से प्रविष्टियों की सुरक्षा करता है, जैसे अण्डाकार वक्र एन्क्रिप्शन, सार्वजनिक-निजी कुंजी जोड़े और हैशिंग फ़ंक्शन।

इसमें संदेशों को ऐसे तरीके से बदलने की प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है जिसे समझना मुश्किल है। इन सभी एल्गोरिदम का उपयोग क्रिप्टोग्राफिक कुंजी, डिजिटल हस्ताक्षर, डेटा गोपनीयता की रक्षा के लिए सत्यापन और वेब ब्राउज़िंग और क्रेडिट कार्ड और ईमेल के ऑनलाइन लेनदेन जैसे गोपनीय संचार के लिए किया जाता है।

What is blockchain?

यह एक सिस्टम प्रणाली है जो सिस्टम को बदलना, हैक करना या धोखा देना मुश्किल या असंभव बना देता है क्योंकि यहाँ पूरे सिस्टम की जाकारी उपलब्ध होती है और नई जानकारी रिकॉर्ड की जाती है। 

यह क्रिप्टोकरेन्सी के लेनदेन के लिए अनिवार्य रूप से एक डिजिटल बही खाता बनाया गया है जिसे एक चेन के रूप में कंप्यूटर सिस्टम के नेटवर्क में डुप्लिकेट करके वितरित किया जाता है। इस शृंखला के प्रत्येक ब्लॉक में कई लेन-देन होते हैं तथा इस चेन के प्रत्येक नए ब्लॉक पर एक नया लेन-देन होता है।

इस प्रक्रिया में उस लेन-देन का एक रिकॉर्ड कंप्यूटर सिस्टम नेटवर्क के प्रत्येक खाता बही में जोड़ दिया जाता है। इसमें प्रत्येक लेनदेन को एक अपरिवर्तनीय क्रिप्टोग्राफिक हस्ताक्षर से दर्ज किया जाता है जिसे हैश कहा जाता है।

ब्लॉकचेन तकनीक व Cryptocurrency market के बारे में इतना प्रचार क्यों है?

डिजिटल मनी बनाने के लिए पहले भी कई विफल प्रयास किए गए।

किसी भी डिजिटल करंसी को बनाने में सबसे पहला मुद्दा विश्वास है जैसे कोई एक्स बिट्स नामक एक मुद्रा बनाता है, तो उस पर हम कैसे भरोसा कर सकते हैं कि एक्स बिट्स को कोई अपने लिए नहीं चुराएगा? साथ चोरी को कैसे रोका जाएगा आदि।

इस समस्या का हल निकलने के लिए बिटकॉइन को एक अलग प्रकार के डेटाबेस पर डिज़ाइन किया गया जिसका नाम ब्लॉकचेन रखा गया है।

किसी भी सामान्य डेटाबेस, जैसे SQL डेटाबेस में कोई न कोई इसका प्रभारी होता है जिसके पास सारा कंट्रोल होता है जो प्रविष्टियों में बदलाव कर सकता है (उदाहरण के लिए वह ख़ुद को एक मिलियन बिटकॉइन दे सकता है) लेकिन ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में कोई भी प्रभारी नहीं होता यह उन लोगों द्वारा ही चलता है जो इसका उपयोग करते हैं।

क्या मृत्यु के बाद भी बाल और नाखून विकसित होते हैं?

क्योकि सभी ट्रांसक्शन्स के खाता बही उपयोगकर्ताओं के सिस्टम में स्टोर होते हैं इसलिए बिटकॉइन की नक़ल बनाना, हैक या डबल ख़र्च नहीं कर सकते है इसी कारण जो लोग बिटकॉइन के मालिक हैं, वे भरोसा कर सकते हैं कि इसका कुछ मूल्य है।

ब्लॉकचेन खनन प्रक्रिया या Cryptocurrency mining

ब्लॉकचेन माइनिंग या cryptocurrency mining क्रिप्टोक्यूरेंसी के संचालन के दौरान प्रत्येक लेनदेन को मान्य करने की एक जटिल प्रक्रिया है। जो लोग इस प्रक्रिया को पूरा करने में सहायता करते हैं उन्हें ब्लॉकचेन माइनर कहा जाता है। वे कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की पहेली को सुलझाने के लिए काम करते हैं और वे पूरे नेटवर्क में मुद्रा के हस्तांतरण को प्रमाणित करने के उद्देश्य से काम करते हैं।

एक एकल उपयोगकर्ता cryptocurrency mining प्रक्रिया को नहीं संभालता है, इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले किसी भी खनिक को इनाम के रूप में कुछ बिटकॉइन दिए जाते हैं और खनिक इस इनाम को पाने के लिए आपस में प्रतिस्पर्धा करते हैं। प्रत्येक खनन सफलता पर, खनिक को बोनस के रूप में कई बिटकॉइन प्राप्त होते हैं।

इस तकनीक को ‘ब्लॉक’ और ‘चेन’ संरचना के कारण तथाकथित ब्लॉकचैन कहा जाता है। प्रत्येक ब्लॉक में एक या अधिक मुद्रा के लेनदेन के बारे में जानकारी होती है। ये ब्लॉक सिस्टम को पूरा करने के लिए एक शृंखला बनाने के लिए एक साथ जुड़े हुए हैं। ये डेटा कोड अलग से संग्रहीत किए जाते हैं।

चेन एक पड़ोस ब्लॉक से दूसरे तक की कड़ी को संदर्भित करता है। प्रत्येक ब्लॉकचेन में प्रमाणीकरण का एक अनूठा कोड होता है जो नेटवर्क सॉफ़्टवेयर पर एन्क्रिप्ट किया जाता है।

खनन प्रक्रिया 

एन्क्रिप्टेड डेटा की वैधता को साबित करने के लिए डिक्रिप्शन की आवश्यकता होती है लेकिन ब्लॉकचेन में एन्कोडेड डेटा को डिक्रिप्ट करना एक बहुत ही मुश्किल काम है, इसलिए इसके लिए मानवीय प्रयासों के साथ-साथ कम्प्यूटेशनल हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की भी आवश्यकता होती है। इसमें कंप्यूटर और मानव दोनों की बहुत समय और ऊर्जा लगेगी

कम्प्यूटेशनल गति और मानव बुद्धि के संयोजन के परिणामस्वरूप डेटा डिक्रिप्ट हो जाएगा, जो आसन्न ब्लॉक से जुड़े होने पर लेनदेन की पुष्टि करेगा। बिटकॉइन में हैश-कोड नामक कोड एन्क्रिप्टेड डेटा को हल करने में विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

Types of Cryptocurrency

आज के समय में लगभग 5000 Cryptocurrency Market में उपलब्ध हैं लेकिन सबसे पहली, लोकप्रिय और सबसे मूल्यवान क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन है। जयादातर क्रिप्टोकरेंसी का बेस बिटकॉइन ही है। आज, विभिन्न कार्यों के लिए और विशिष्टताओं के साथ हजारों क्रिप्टोकरेंसी मार्किट में हैं। इनमें से कुछ नई मुद्राएँ हैं जिन्हें खरोंच से बनाया गया है।

What is bitcoin?

बिटकॉइन को 2009 में लॉन्च किया गया था, जिसे छद्म नाम “सातोशी नाकामोटो” के नाम से जाना जाने वाले ग्रुप या व्यक्ति ने लांच किया था। बिटकॉइन संख्या में 21 मिलियन हैं। लेकिन 1 मार्च 2021 तक, लगभग 927 बिलियन डॉलर के कुल वैल्यू के साथ 18.6 मिलियन से अधिक बिटकॉइन प्रचलन में हैं। यह top cryptocurrency है। 

बिटकॉइन की सफलता को देखते हुए कुछ प्रतिस्पर्धी क्रिप्टोकरेंसी उत्पन्न हुई, जिन्हें “Altcoin के कहा जाता है, इनमे जैसे litcoin, पीरकोइन, नेमकोइन, एथेरियम, कार्डानो और ईओएस शामिल हैं। आज, यदि सभी मौजूद क्रिप्टोकरेंसी का कुल मूल्य आँका जाए तो वह लगभग $1.5 ट्रिलियन के बराबर होगा है लेकिन इसमें बिटकॉइन का 60% से अधिक का हिस्सा होगा।

Advantages and Disadvantages of Best Cryptocurrency

आज क्रिप्टोक्यूरेंसी में उपयोग जो क्रिप्टोग्राफी तकनीक उपयोग की जाती हैं उनमे से कुछ मूल रूप से सैन्य अनुप्रयोगों के लिए विकसित की गई थी।

विभिन्न देशों की सरकारें चाहती हैं कि हथियारों पर कानूनी प्रतिबंधों के समान क्रिप्टोग्राफी तकनीक तथा क्रिप्टोकॉरेन्सी पर नियंत्रण रखा जाए ताकि ब्लैक मनी की समस्य को और बढ़ने से रोका जा सके, लेकिन नागरिकों के लिए क्रिप्टोग्राफी का उपयोग करने का अधिकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आधार पर सुरक्षित है।

Advantages

किसी भी देश की करेंसी के लेनदेन के लिए बैंक या क्रेडिट कार्ड कंपनी जैसे किसी विश्वसनीय तृतीय पक्ष की आवश्यकता होती है लेकिन क्रिप्टोकरेंसी में दो पक्षों के बीच सीधे फंड ट्रांसफर होता जो इसे आसान बनता है। इसके बजाय ये अधिक सिक्योर हैं।
 
क्योकि इनमे क्रिप्टोग्राफी तथा ब्लॉकचैन जैसी तकनीक का उपयोग किया जाता है।
इस अधुनिक सिस्टम में, उपयोगकर्ता “वॉलेट” या खाते नमक एप्लीकेशन्स का उपयोग करते हैं जिसमे एक सार्वजनिक कुंजी तथा निजी कुंजी होती है, जबकि निजी कुंजी केवल स्वामी के लिए ही होती है और उसके आलावा किसी को पता नहीं होती और लेनदेन पर हस्ताक्षर करने के लिए उपयोगकर्ता इसी निजी कुंजी का उपयोग करता है।
 
फंड ट्रांसफर में न्यूनतम प्रोसेसिंग फीस “वॉलेट” या खाते द्वारा कटाने के साथ किया जाता है, जिससे उपयोगकर्ता बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा लगाए जाने वाले भारी शुल्क से बच सकते हैं।
 

Disadvantages

क्रिप्टोक्यूरेंसी लेनदेन की अर्ध-अनाम प्रकृति से कई अवैध गतिविधियाँ की जा सकती हैं, जैसे मनी लॉन्ड्रिंग, कर चोरी तथा ब्लैक मार्किट लेनदेन आदि क्योंकि इनकी ट्रांसक्शन्स पर किसी भी सरकार का कोई कण्ट्रोल नहीं होता।
 
क्रिप्टोक्यूरेंसी अपनी गुमनामी को अत्यधिक महत्त्व देती हैं, गोपनीयता के कारण दमनकारी सरकारों के खिलाफ कार्यकर्ताओं को सुरक्षा मिलती है तथा इसका लाभ आतंकवादी भी उठा सकते और किसी भी देश की सुरक्षा की हानि पहुँचा सकते हैं। कुछ क्रिप्टोकरेंसी दूसरों की तुलना में अधिक गोपनीयता देती हैं

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